आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगभग हर देश किसी न किसी प्रकार के ऋण (कर्ज़) में डूबा हुआ है। सरकारें अपने देशों के विकास, बुनियादी ढांचे, सैन्य खर्च और सामाजिक कल्याण योजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए ऋण लेती हैं। हालांकि, कुछ देश ऐसे हैं जो भारी मात्रा में कर्ज़ के बोझ तले दबे हुए हैं।
इस लेख में दुनिया के उन 10 देशों की सूची दी गई है, जिनके पास सबसे अधिक राष्ट्रीय ऋण है। इन देशों की अर्थव्यवस्था, ऋण का कारण और वैश्विक वित्तीय स्थिति पर इसका प्रभाव जानना बेहद ज़रूरी है।
1. जापान

कुल कर्ज़: लगभग $12.4 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 263%
जापान दुनिया में सबसे अधिक कर्ज़ वाले देशों में सबसे ऊपर है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान की अर्थव्यवस्था ने जबरदस्त वृद्धि की, लेकिन 1990 के दशक में वित्तीय संकट के कारण यह भारी कर्ज़ में डूब गया।
मुख्य कारण:
- तेज़ी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और घटती श्रम शक्ति
- सरकारी व्यय में अत्यधिक वृद्धि
- वर्षों से चल रही धीमी आर्थिक वृद्धि
हालांकि, जापान के पास अत्यधिक विकसित अर्थव्यवस्था और मजबूत निर्यात उद्योग है, जिससे यह अपने कर्ज़ का प्रबंधन कर पा रहा है।
यूनाइटेड स्टेट्स (अमेरिका)

कुल कर्ज़: लगभग $34.5 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 125%
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भारी कर्ज़ में डूबा हुआ है। इसका मुख्य कारण सरकारी खर्च, सैन्य बजट और सामाजिक कल्याण योजनाओं में वृद्धि है।
मुख्य कारण:
- सैन्य और रक्षा खर्च का उच्च स्तर
- कर में कटौती और वित्तीय राहत योजनाएँ
- सार्वजनिक कल्याण योजनाओं पर बढ़ता व्यय
अमेरिका की अर्थव्यवस्था वैश्विक वित्तीय प्रणाली में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, इसलिए यह अन्य देशों से कर्ज़ लेने में सक्षम है।
इटली

कुल कर्ज़: लगभग $3.2 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 145%
इटली यूरोप के सबसे अधिक कर्ज़ग्रस्त देशों में से एक है। देश की अर्थव्यवस्था धीमी वृद्धि से प्रभावित रही है, जिससे इसे ऋण चुकाने में मुश्किल हो रही है।
मुख्य कारण:
- आर्थिक सुधारों की धीमी गति
- उच्च सरकारी व्यय और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ
- राजनीतिक अस्थिरता और वित्तीय अनिश्चितता
यूरोपीय संघ (EU) के समर्थन से इटली अपने कर्ज़ को प्रबंधित करने की कोशिश कर रहा है।
चीन

कुल कर्ज़: लगभग $14 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 77%
चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही इसका सरकारी और निजी कर्ज़ भी बढ़ा है।
मुख्य कारण:
- सरकारी बुनियादी ढांचे में निवेश
- रियल एस्टेट क्षेत्र का अत्यधिक ऋण
- सरकारी उद्यमों द्वारा भारी उधारी
चीन की सरकार अपने ऋण स्तर को नियंत्रित करने के लिए नए उपाय लागू कर रही है, लेकिन इसका दीर्घकालिक प्रभाव देखने में समय लगेगा।
फ्रांस

कुल कर्ज़: लगभग $3.5 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 112%
फ्रांस का उच्च सार्वजनिक खर्च, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ और धीमी आर्थिक वृद्धि इसके भारी ऋण के पीछे प्रमुख कारण हैं।
मुख्य कारण:
- पेंशन और सामाजिक सुरक्षा पर उच्च व्यय
- आर्थिक सुधारों की धीमी गति
- कर नीति और वित्तीय असंतुलन
फ्रांस को अपने बजटीय घाटे को कम करने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
यूनाइटेड किंगडम (UK)

कुल कर्ज़: लगभग $3.1 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 101%
ब्रिटेन का कर्ज़ हाल के वर्षों में ब्रेक्सिट, महामारी, और बढ़ते सरकारी व्यय के कारण बढ़ा है।
मुख्य कारण:
- सार्वजनिक स्वास्थ्य और कल्याण योजनाओं पर बढ़ता खर्च
- महामारी के दौरान आर्थिक राहत पैकेज
- ब्रेक्सिट से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियाँ
ब्रिटेन को अपने आर्थिक सुधारों और राजस्व स्रोतों में बढ़ोतरी करनी होगी ताकि इसका ऋण स्थिर स्तर पर आ सके।
भारत

कुल कर्ज़: लगभग $3.7 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 82%
भारत एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है, लेकिन इसकी आर्थिक नीतियाँ और बुनियादी ढांचे में भारी निवेश इसे कर्ज़ के उच्च स्तर पर रखता है।
मुख्य कारण:
- बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं में निवेश
- सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं पर बढ़ता खर्च
- आर्थिक सुधारों की धीमी गति
हालांकि, भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था इसे अपने ऋण को प्रबंधित करने में मदद कर सकती है।
ब्राज़ील

कुल कर्ज़: लगभग $1.9 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 90%
ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था राजनीतिक अस्थिरता और उच्च मुद्रास्फीति से प्रभावित हुई है, जिससे इसके ऋण में वृद्धि हुई है।
मुख्य कारण:
- आर्थिक मंदी और निवेश की कमी
- सरकारी व्यय और सामाजिक योजनाएँ
- वित्तीय अस्थिरता और वैश्विक बाजार में अस्थिरता
ब्राज़ील को अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत है।
कनाडा
कुल कर्ज़: लगभग $2.8 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 107%
कनाडा का ऋण सार्वजनिक सेवा खर्च और आर्थिक समर्थन कार्यक्रमों के कारण बढ़ा है।
मुख्य कारण:
- स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा पर भारी खर्च
- आर्थिक विकास योजनाएँ और सरकारी राहत पैकेज
- बढ़ती ब्याज दरें और ऋण लागत
कनाडा की मजबूत अर्थव्यवस्था इसे अपने कर्ज़ का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में मदद कर सकती है।
जर्मनी

कुल कर्ज़: लगभग $3.2 ट्रिलियन
GDP के मुकाबले ऋण: 69%
यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, जर्मनी भी ऋण के दबाव में है।
मुख्य कारण:
- सार्वजनिक क्षेत्र में बड़े निवेश
- यूरोपीय संघ और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर निर्भरता
- आर्थिक मंदी और बढ़ती ब्याज दरें
हालांकि, जर्मनी की आर्थिक स्थिरता इसे अपने ऋण को संतुलित करने में मदद करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज़ वाला देश कौन सा है?
जापान दुनिया का सबसे अधिक कर्ज़ वाला देश है, जिसका कुल सरकारी ऋण उसकी जीडीपी का 263% है।
2. भारत का राष्ट्रीय ऋण कितना है?
भारत का कुल सरकारी ऋण लगभग $3.7 ट्रिलियन है, जो उसकी जीडीपी का 82% है।
3. क्या अधिक ऋण किसी देश के लिए खतरा है?
अत्यधिक ऋण आर्थिक अस्थिरता और वित्तीय संकट का कारण बन सकता है, लेकिन सही प्रबंधन से इसका असर कम किया जा सकता है।
4. कौन से देश सबसे अधिक ऋण देते हैं?
संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) दुनिया में सबसे बड़े ऋणदाता हैं।
5. क्या भारत अपने कर्ज़ को चुका सकता है?
भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और निवेश योजनाएँ इसे अपने कर्ज़ को प्रबंधित करने में मदद कर सकती हैं।


